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पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤° और अनà¥à¤¯ डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग कैसे लगाà¤à¤?
किसी à¤à¥€ डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग को लगाने से पहले अपने हाथ धोà¤à¤‚ और सà¥à¤–ाà¤à¤‚, और उपलबà¥à¤§ होने पर डिसà¥à¤ªà¥‹à¤œà¥‡à¤¬à¤² सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल दसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡ पहनें।
बैठें या लेट जाà¤à¤‚, या उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤¸à¤¾ करवाà¤à¤‚ जिसका खून बह रहा है।
अगर आप किसी और की मदद कर रहे हैं, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताà¤à¤‚ कि आप डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग करते समय कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ कर रहे हैं?
किसी à¤à¥€ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ को रोकने के लिठदवाब लगाà¤à¤‚ और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पैर या हाथ को दिल के लेवल के ऊपर उठाकर रखें।
आप जिस घाव को बंद करना चाहते हैं उससे हलà¥à¤•ी बड़ी डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग को किनारों से पकड़ें और अपनी उंगलियों को डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग के उस हिसà¥à¤¸à¥‡ से दूर रखे जिससे घाव को ढंका जाना है
बैडेंज से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग पैडà¥à¤¸ को जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ बनाà¤à¤‚
जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ (सà¥à¤µà¤šà¥à¤›) डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग पैडà¥à¤¸ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• तह में आते हैं। लेकिन à¤à¤• बार खà¥à¤² जाने पर ये जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ नहीं रहते हैं।
डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग करते समय-
घाव और आस-पास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ को साफ करें और सà¥à¤–ाà¤à¤‚।
बैंडेज को पैड के दोनों ओर से पकड़ें।
पैड को सीधा घाव पर रखें।
अंग और पैड के आस-पास छोटे सिरे को à¤à¤• बार घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚।
दूसरे हिसà¥à¤¸à¥‡ को अंग के इरà¥à¤¦ गिरà¥à¤¦, पूरे पैड को कवर करते हà¥à¤ बांधे।
पैड के ऊपर दोनों सिरों को इकटà¥à¤ ा कर, इसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करने और घाव के ऊपर हलà¥à¤•ा सा दवाब बनाठरखने के लिठबांध दें।
डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग नियमित रूप से बदली जानी चाहिà¤
अगर घाव गहरा है तो डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग करवाने के बाद आपको मामूली चोटों के विà¤à¤¾à¤— में जाने की ज़रूरत हो सकती है।
अगर खून बहना नहीं रूक रहा है तो अपने नज़दीकी इमरजेंसी विà¤à¤¾à¤— में जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ जाà¤à¤‚।
पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤° (चिपकने वाली डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग) (Plasters- adhesive dressings)
पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ गॉज के टà¥à¤•ड़े के बने होते हैं और इनमें à¤à¤• चिपचिपा (चिपकने वाला) (adhesive) पदारà¥à¤¥ होता है, ये आमतौर पर à¤à¤•ल जीवाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ पैकà¥à¤¸ में आते हैं।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ ये अलग-अलग आकार और माप में आते हैं, या आप अपनी माप के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काट सकते हैं। कà¥à¤› पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ वॉटर पà¥à¤°à¥‚फ होते हैं।
पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤° करते वकà¥à¤¤:
घाव और आस-पास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ को साफ कर के सà¥à¤–ा लें।
पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤° को खोलें और इसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पकड़ें जिसमें पैड साइड नीचे की ओर हो।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¸ को पीछे की ओर छीले लेकिन उनà¥à¤¹à¥‡ हटाà¤à¤‚ नहीं।
पैड को घाव पर रखें, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¸ को पीछे की ओऱ खीचें और पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤° के किनारों को दबाà¤à¤‚।
जब à¤à¥€ पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤° गंदे, गीले या अधिक खून से à¤à¥€à¤— जाà¤à¤‚ तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बदल देना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤› लोगों में चिपकने वाली सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¸ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है- पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤° करने से पहले इस बारे में पूछ लें।
बैंडेज कैसे लगाà¤à¤‚? (How do I apply a bandage?)
बैंडेज करते समय याद रखने वाले मà¥à¤–à¥à¤¯ बिंदॠनिमà¥à¤¨ हैं:
इस बात का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कोई असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ तो नहीं हो रही है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताà¤à¤‚ कि आप कà¥à¤¯à¤¾ कर रहे हैं?
जिस ओर चोट है उस ओर से काम करें ताकि आपको उनके शरीर पर à¤à¥à¤•ना ना पड़े।
शरीर के घायल हिसà¥à¤¸à¥‡ को उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखे जिसमें वो बैंडेज के बाद होगा।
सही साइज़ के बैंडेज का उपयोग करें- शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को पटà¥à¤Ÿà¥€ की अलग-अलग चौड़ाई की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
किसी अंग को पटà¥à¤Ÿà¥€ करते समय उंगलियों या पैर की उंगलियों को ढंकने से बचें ताकि आप आसानी से खून के बहाव की जांच कर सकें।
बैंडेज को मज़बूती से बांधे लेकिन कसकर नहीं, और फिर किनारों को मोड़कर और उनमें गांठबांधकर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करें। आप सेफà¥à¤Ÿà¥€ पिन, टेप या बैंडेज कà¥à¤²à¤¿à¤ª का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
जैसे ही बैंडेज हो जाà¤, तà¥à¤°à¤‚त ही पूछे कि कही ये अधिक टाइट तो नहीं है और फिर उंगली के नाखून या तà¥à¤µà¤šà¤¾ के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ पर दवाब बनाकर सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ चेक करे जब तक सà¥à¤•िन पेल ना हो जाà¤à¥¤ अगर रंग तà¥à¤°à¤‚त पहले जैसा नहीं होता है, तो बैंडेज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट हो सकती है, आपको इसे ढ़ीला करना चाहिà¤à¥¤ इंजरी के बाद, अंग सूज सकते हैं इसलिठबैंडेज केबाद हर 10 मिनट में सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ चैक करें।
रोलर बैंडेजेस (Roller bandages)
तीन तरह की रोलर बैंडेज होती हैं:
à¤à¤¸à¥€ बैंडेज जो जालीदार बà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ के साथ बनी होती हैं और हवा को आर-पार आने देती हैं, लेकिन घावों पर दवाब नहीं डालती, और जोड़ों को सपोरà¥à¤Ÿ नहीं करती है।
इलासà¥à¤Ÿà¤¿à¤• पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर के आकार के हिसाब से ढल जाती हैं, और डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करने और नरम ऊतकों की चोटों जैसे मोच में सपोरà¥à¤Ÿ करने के लिठकाम आती हैं।
कà¥à¤°à¥‡à¤ª बैंडेज का उपयोग कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ जोड़ों को मजबूत सहारा देने के लिठकिया जाता है
रोलर बैंडेज लगाने के लिà¤:
बैंडेज के रोलà¥à¤¡ पारà¥à¤Ÿ को चोट से ऊपर और बिना रोलà¥à¤¡ हिसà¥à¤¸à¥‡ को चोट से नीचे रखें।
इंजरी के चारों ओर दो बार लपेटने से शà¥à¤°à¥‚आत करें ताकि आखिर का सिरा जगह पर रहे।
अंग के ऊपर सिरों को चढ़ाते हà¥à¤ पटà¥à¤Ÿà¥€ बाà¤à¤§à¥‡à¤‚ और इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि हर नई परत पिछली परत के à¤à¤• तिहाई से लेकर दो तिहाई हिसà¥à¤¸à¥‡ को ढंके।
पटà¥à¤Ÿà¥€ को à¤à¤• बार फिर से लपेटकर और किनारे को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करके खतà¥à¤® करें।
कोहनी और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ लगाते वकà¥à¤¤, पटà¥à¤Ÿà¥€ को जगह पर रखने या मोच और खिंचाव को सहारा देने के लिà¤, जोड़ को थोड़ा सा मोड़ें, पटà¥à¤Ÿà¥€ को आठकी फिगर में लगाà¤à¤‚, और जोड़ के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• तरफ पटà¥à¤Ÿà¥€ को काफी दूर तक फैलाà¤à¤‚।
हाथ पर डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग लगाते वकà¥à¤¤, पटà¥à¤Ÿà¥€ को जगह पर रखने के लिठया मोच और खिंचाव को सहारा देने के लिà¤, आड़े घà¥à¤®à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ का उपयोग करते हà¥à¤ कलाई के अंदर से हाथ के पीछे की ओर छोटी उंगली के अंत तक, अंगूठे को मà¥à¤•à¥à¤¤ रखते हà¥à¤ काम करें।
टà¥à¤¯à¥‚बलर बैंडेज (Tubular bandages)
टà¥à¤¯à¥‚बलर बैंडेज का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— हाथ या पैर की उंगलियों की पटà¥à¤Ÿà¥€ करने में या कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ जोड़ों को सहारा देने में किया जा सकता है। ये फैबरिक टà¥à¤¯à¥‚ब की बनी होती हैं।
आप टखने जैसे मà¥à¥œà¤¨à¥‡ वाले जोड़ों पर लचीली पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। जो कि टà¥à¤¯à¥‚बलर गॉज से बनी होती हैं और जिनà¥à¤¹à¥‡ उंगलियों या पैर की उंगलियों पर रखा जा सकता है, लेकिन ये रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ को रोकने के लिठकोई दबाव नहीं देती हैं।
किसी चोट पर टà¥à¤¯à¥‚बलर पटà¥à¤Ÿà¥€ रखने से पहले, आपको इसे छोटे आकार में काटने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
तà¥à¤°à¤¿à¤•ोणीय बैंडेज (Triangular bandages)
तà¥à¤°à¤¿à¤•ोणीय बैंडेज लमà¥à¤¬à¥€ डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚गà¥à¤¸ में, à¤à¤• अंग को सहारा देने में गलपटà¥à¤Ÿà¥€ के रूप में या किसी डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग को जगह पर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जा सकती हैं।
अगर आप तà¥à¤°à¤¿à¤•ोणीय पटà¥à¤Ÿà¥€ को बांह पर गलपटà¥à¤Ÿà¥€ के रूप के उपयोग कर रहे हैं तो इसे खà¥à¤²à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
आपको चाहिà¤:
जब आप काम कर रहे हो, तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपनी बांह को सीने के आगे की ओर पकड़ने और बांह को सहारा देने को कहें।
बांह के नीचे और गरà¥à¤¦à¤¨ के पीछे के चारो ओर पटà¥à¤Ÿà¥€ को रखें।
बैंडेज के दूसरे हिसà¥à¤¸à¥‡ को बांह के ऊपर रखें ताकि ये कंधे पर मिल कर गांठबांधी जा सके।
कोहनी पर पटà¥à¤Ÿà¥€ के ढीले छोरों को दबाà¤à¤‚, या पिन का उपयोग करें
अगर आप निचले अंग को सहारा देने के लिठया बड़े डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग के लिठà¤à¤• तà¥à¤°à¤¿à¤•ोणीय पटà¥à¤Ÿà¥€ का उपयोग कर रहे हैं, तो इसे आधा कà¥à¤·à¥ˆà¤¤à¤¿à¤œ रूप से मोड़ें ताकि तà¥à¤°à¤¿à¤•ोण का बिंदॠलंबे किनारे के मधà¥à¤¯ को छू ले। फिर à¤à¤• चौड़ी पटà¥à¤Ÿà¥€ बनाने के लिठइसे उसी दिशा में आधा फिर मोड़ें।
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